Versagt der Mensch oder die Gesellschaft? Probleme der modernen Kriminalpsychologie
| मुख्य लेखक: | |
|---|---|
| स्वरूप: | पुस्तक |
| भाषा: | German |
| प्रकाशित: |
Wien u.a. :
Europa Verlag,
1964
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| श्रृंखला: | Europäische Perspektiven
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| भौतिक वर्णन: | 424 S. |
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| बोधानक: | Kri 360 Hac MAGAZIN |